Prof. Md Ossama at Janvadi Lekhak Sangh, UP Program on Poet Basant's Book- Kagaz par Aag at Lucknow in January 2024.
Numerous intellectuals, writers & poets attended the program. There was an elaborate discussion on Hindi poems, relevance of contemporary trends, individuals experience and political reality and also role of a good poet as a torch bearer.
प्रकाशनार्थ
भोपाल से आए कवि वसंत सकरगाए के कविता संग्रह 'काग़ज़ पर आग' पर केन्द्रित कार्यक्रम 10 विधान सभा मार्ग पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आरंभ वसंत सकरगाए के कविता पाठ से हुआ। उन्होंने 'काग़ज़ पर आग' कविता संग्रह से अपनी कई कविताओं का पाठ किया।
संग्रह पर बात रखते हुए फ़ैज़ाबाद से आए कवि-आलोचक विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि इस समय हमारी स्मृतियों का संहार किया जा रहा है। ऐसे समय में हम वसंत जी के संग्रह पर बात करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। वसंत जी की ख़ासियत है कि वे बिना कोई बयान दिए बड़ा बयान कविता में दे देते हैं। ये बयान जीवन संघर्ष के बयान हैं। कई कविताएँ सीधे साम्प्रदायिकता को सम्बोधित हैं। किसान के सम्मान को भी वे व्यक्त करते हैं। लोक संस्कृति भी यहाँ व्यक्त है।
अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए कवि-आलोचक सुभाष राय ने कहा कि आज प्रतिपक्ष की जरुरत है। वसंत ये काम करते हैं। उनकी कविताएं साहस की कविताएँ हैं। जिसमें आग है वही जिन्दा है। उसी में रचनात्मक दिशा होगी। वसंत जी की कविताएँ बने बनाए फ्रेम को तोड़ती हैं।
कार्यक्रम में नलिन रंजन सिंह, चन्द्रेश्वर, कौशल किशोर, राजेन्द्र वर्मा, भगवान स्वरूप कटियार और सन्ध्या सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन ज्ञानप्रकाश चौबे ने और धन्यवाद ज्ञापन आभा खरे ने किया। इस अवसर पर ओसामा, अरुण सिंह, अनिल श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, के.के.वत्स, सलमान ख़याल, शालिनी सिंह, इरा श्रीवास्तव, इन्दु पाण्डेय, संध्या सिंह, नूर आलम, के.के.चतुर्वेदी, माधवी मिश्रा, नाइश हसन, राजीव यादव, दयाशंकर राय सहित कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।
प्रेस के लिए जारी
द्वारा
नलिन रंजन सिंह






Comments
Post a Comment